छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को मंत्रियों का पीएसओ यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर बताकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक को परिवहन विभाग में आरक्षक बनवाने का झांसा दिया।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, कबीरधाम जिले के सिंघनपुरी निवासी राजू बंजारे की मुलाकात रायपुर में एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान संजय लहरी नाम के व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने कथित तौर पर बड़े अधिकारियों से पहचान होने और सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया।
आरोप है कि परिवहन आरक्षक के पद पर नियुक्ति दिलाने के लिए 20 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें 10 लाख रुपये पहले और बाकी रकम नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देना तय हुआ था।
शिकायत के अनुसार, मई महीने में युवक ने अलग-अलग किस्तों में पांच लाख रुपये नकद, फिर ढाई लाख और दो लाख 30 हजार रुपये नकद दिए। बाकी 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 10 लाख रुपये आरोपी को दिए गए।
लेकिन रकम लेने के बाद भी युवक को नौकरी नहीं मिली। आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत में कुछ अन्य लोगों से भी नौकरी के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस ने संजय लहरी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और अन्य संभावित पीड़ितों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
