रायपुर में ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान, सांसद ज्योत्सना महंत को भी करना पड़ा इंतजार

admin  - News & Entertainment
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। रायपुर-दुर्ग और बिलासपुर रूट पर ट्रेनों के देरी से चलने के कारण लोगों का समय और रोजमर्रा का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है। रेलवे की व्यवस्था पर सवाल तब और उठे, जब कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत को भी रायपुर स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।

मंगलवार को सांसद ज्योत्सना महंत पेंड्रारोड जाने के लिए रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। उन्हें दोपहर 12:50 बजे रवाना होने वाली दुर्ग-उधमपुर सुपरफास्ट ट्रेन से यात्रा करनी थी। सांसद निर्धारित समय से पांच मिनट पहले, दोपहर 12:45 बजे प्लेटफार्म नंबर 5/6 पर पहुंच गई थीं। लेकिन ट्रेन समय पर नहीं आई और उन्हें करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। ट्रेन दोपहर 1:21 बजे स्टेशन पहुंची।

इस दौरान प्लेटफार्म पर यात्रियों की भीड़ के बीच बैठने के लिए कुर्सी भी उपलब्ध नहीं थी। बाद में पास के फूड स्टॉल से कुर्सी मंगवाकर उनके बैठने की व्यवस्था की गई।

37 किलोमीटर के सफर में भी हो रही देरी

रायपुर से दुर्ग के बीच करीब 37 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी भी यात्रियों के लिए परेशानी बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर-दुर्ग मेमू ट्रेन को 20 अक्टूबर को सुबह 8:50 बजे दुर्ग पहुंचना था, लेकिन वह सुबह 10:24 बजे पहुंची। यानी ट्रेन करीब 1 घंटा 34 मिनट देरी से पहुंची।

अन्य दिनों में भी ट्रेन के देर से पहुंचने की स्थिति सामने आई है। इससे नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ट्रेनों के समय पर संचालन और स्टेशन पर बुनियादी यात्री सुविधाओं को लेकर अब रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

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