कोयला लेवी घोटाला: भूपेश बघेल को कार्रवाई की जानकारी थी? WhatsApp चैट के आधार पर EOW का दावा

admin  - News & Entertainment
3 Min Read

पूरक आरोपपत्र में तत्कालीन खनिज सचिव अंबलगन पी और अनिल टुटेजा की बातचीत का उल्लेख, आयरन ओर और पैलेट उद्योगों से जुड़ी कथित अवैध लेवी की जांच का भी जिक्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की ओर से अदालत में पेश पूरक आरोपपत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भूमिका का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि वर्ष 2019 में कोरबा जिले की प्रमुख कोल वाशरियों पर हुई संयुक्त कार्रवाई की जानकारी तत्कालीन मुख्यमंत्री को थी।

आरोपपत्र के अनुसार, तत्कालीन खनिज सचिव अंबलगन पी और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के बीच हुई WhatsApp बातचीत में इस कार्रवाई का जिक्र है। 15 जून 2019 की बातचीत में अंबलगन पी ने कोरबा की कोल वाशरियों पर औचक जांच और कार्रवाई को गोपनीय रखने की बात कही थी।

WhatsApp चैट में मुख्यमंत्री को जानकारी होने का जिक्र

आरोपपत्र में दर्ज बातचीत के मुताबिक, जब अंबलगन पी ने मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की बात कही, तो अनिल टुटेजा ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी है। जांच एजेंसी ने इस बातचीत को अपनी जांच में शामिल किया है।

EOW का आरोप है कि कोयला कारोबार से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताएं तत्कालीन मुख्यमंत्री की जानकारी में हुईं। हालांकि, आरोपपत्र में किसी अधिकारी की बातचीत का उल्लेख अपने आप में आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना नहीं है। मामले में आरोपों और संबंधित पक्षों के जवाबों का आकलन अदालत में होगा।

आयरन ओर और पैलेट उद्योगों की भी जांच

पूरक आरोपपत्र में तत्कालीन खनन अधिकारियों की बातचीत का भी उल्लेख है। इसके मुताबिक, आईएएस अधिकारी जयप्रकाश मौर्य, निलंबित आईएएस समीर विश्नोई और अन्य अधिकारियों के बीच खनिज पट्टों, उद्योग प्रतिनिधियों और पैलेट उद्योगों से संबंधित मामलों पर बातचीत हुई थी।

जांच एजेंसी का दावा है कि आयरन ओर उद्योगों से 100 रुपये प्रति टन कथित अवैध लेवी वसूलने के संबंध में सूर्यकांत तिवारी और उसके कथित सिंडिकेट से संपर्क करने की बात भी सामने आई है। आरोपपत्र में ई-परमिट व्यवस्था में बदलाव से जुड़ी बातचीत का भी जिक्र किया गया है।

इस तरह जांच का दायरा कोयला कारोबार के साथ लौह अयस्क और पैलेट उद्योगों से जुड़े कथित लेन-देन तक पहुंचा है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई और साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही तय होगा।

0

Share this Article