Bilaspur “में” अस्पताल में हुए इलाज के बाद पुलिसकर्मी की मौत का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। परिजनों ने न सिर्फ मुआवजे की मांग की है, बल्कि अस्पताल प्रबंधन पर एफआईआर और अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।
एक करोड़ मुआवजे की मांग से बढ़ा तनाव
मृतक पुलिसकर्मी के पिता ने कलेक्टर को पत्र लिखकर एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। उन्होंने साफ कहा है कि परिवार की पूरी जिम्मेदारी मृतक बेटे पर थी और उसकी अचानक मौत से घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई है।
अस्पताल पर लापरवाही का आरोप और एफआईआर की मांग
परिजनों का आरोप है कि पथरी के इलाज के लिए भर्ती किए गए पुलिसकर्मी की स्थिति इलाज के दौरान बिगड़ती चली गई। उनका कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से मरीज की जान गई। इसी आधार पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
घर के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति की मांग
पिता ने अपने पत्र में यह भी मांग रखी है कि परिवार के किसी एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए ताकि घर का भरण पोषण चल सके। उन्होंने कहा कि मृतक ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
गंभीर चेतावनी ने बढ़ाई संवेदनशीलता
परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे मृतक के शव को कब्र से निकालकर सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस बयान ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
Chhattisgarh Health Department ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के दौरान कोई गंभीर लापरवाही तो नहीं हुई और क्या मेडिकल प्रोटोकॉल का सही पालन किया गया था।अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
