Raigarh : छाल तहसील कार्यालय में उस समय सनसनी फैल गई जब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने अचानक कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश कर दिया। इस कार्रवाई में एक लिपिक को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
शिक्षक से लिपिक तक का सफर और रिश्वत का आरोप
गिरफ्तार आरोपी की पहचान तुलाराम पटेल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से शिक्षक पद पर कार्यरत था, लेकिन उसे छाल तहसील कार्यालय में लिपिक के पद पर अटैच किया गया था। इसी दौरान उस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे।
बी-1 में सुधार के नाम पर मांगी गई मोटी रकम
पूरा मामला धसकामुड़ा निवासी शिकायतकर्ता भानुप्रताप पटेल से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, बी-1 रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार करने के नाम पर आरोपी ने 60 हजार रुपये की मांग की थी। लगातार दबाव और मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी।
एसीबी की रणनीति और रंगे हाथ गिरफ्तारी
Anti-Corruption Bureau ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जाल बिछाया और सुनियोजित कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के बाद दफ्तर में जांच तेज
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने तहसील कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
