भोपाल: मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को अपडेट और अधिक सटीक बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के करीब 74 हजार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) 31 अक्टूबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
इस अभियान का एक अहम हिस्सा पहले मतदाता सूची से हटाए गए नामों की दोबारा जांच करना है। प्रशासन के मुताबिक, करीब 31 लाख 11 हजार नामों का पुनः सत्यापन किया जा रहा है। इनमें लगभग 14 लाख नाम ऐसे बताए गए हैं, जो दो जगह दर्ज थे या संबंधित मतदाता की मृत्यु हो चुकी है।
वहीं करीब 17 लाख 11 हजार 302 नाम ऐसे हैं, जिनके बारे में बताया गया है कि संबंधित लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं या सत्यापन के दौरान दिए गए पते पर नहीं मिले। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि संबंधित व्यक्ति अभी भी उस क्षेत्र का निवासी है और मतदान करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल किया जा सकता है।
अभियान में नए मतदाताओं को भी शामिल करने पर जोर दिया गया है। 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा अग्रिम रूप से फॉर्म-6 भर सकेंगे।
इसके अलावा मजदूर बस्तियों, रैन बसेरों और बेघर लोगों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
बीएलओ को हर सप्ताह 20 से 25 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। सत्यापन के बाद तैयार मतदाता सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
