नई दिल्ली, 16 अप्रैल। संसद के विशेष सत्र में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े तीन अहम विधेयक पेश किए गए, जिसके साथ ही सदन का माहौल गरमा गया। विपक्षी दलों ने इन प्रस्तावों का जोरदार विरोध किया और कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
जनगणना पर सरकार का दावा, विपक्ष ने उठाए सवाल
सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि देश में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण आंकड़ों के बिना इस तरह के विधेयक लाना जल्दबाजी है।
अखिलेश यादव ने उठाया मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सदन में मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी के लिए आरक्षण की बात हो रही है, तो उसमें मुस्लिम महिलाएं भी शामिल होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि जनगणना से पहले ही इस बिल को पेश करने की क्या जरूरत थी।
अमित शाह का पलटवार, बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने तंज भरे अंदाज में कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे तो अपनी सीटों का आधा हिस्सा मुस्लिम समुदाय को दे सकती है, सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। इस बयान के बाद सदन में बहस और तेज हो गई।
परिसीमन बिल पर भी विरोध, विपक्ष ने वापसी की मांग उठाई
सदन में जैसे ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक पेश किया गया, विपक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसे संविधान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए बिल को वापस लेने की मांग की।
आगे भी जारी रह सकता है टकराव
आज के घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में संसद में यह मुद्दा और अधिक गरमाने वाला है। सरकार जहां इन विधेयकों को पारित कराने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है, वहीं विपक्ष भी अपने विरोध को तेज करने के संकेत दे चुका है।
