जम्मू-कश्मीर : से जुड़ी बड़ी खबर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को शुक्रवार शाम एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 1996 के एक गंभीर प्रकरण से जुड़ी बताई जा रही है। परिजनों ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है, हालांकि उनका कहना है कि अभी तक उनसे कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया है।
पटियाला हाउस कोर्ट से मिली ट्रांजिट रिमांड, अब जम्मू-कश्मीर कोर्ट में होगी पेशी
मामले की सुनवाई के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने NIA को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड प्रदान की है। इसके बाद शब्बीर शाह को जम्मू-कश्मीर ले जाया गया है, जहां उन्हें 20 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे से पहले NIA स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
1996 के पुराने केस से जुड़ा मामला, हुर्रियत गतिविधियों पर गंभीर आरोप
यह मामला करीब 30 साल पुराना बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार यह केस 17 जुलाई 1996 की उन घटनाओं से जुड़ा है, जिनमें हुर्रियत से जुड़े कार्यकर्ताओं की कथित गैरकानूनी गतिविधियां शामिल हैं।
आरोपों के अनुसार, आतंकवादी हिलाल अहमद बेग के मारे जाने के बाद उसके शव को लेकर भीड़ जुटाई गई थी, जिसमें शब्बीर शाह समेत कई नेताओं की भूमिका बताई गई है। इस दौरान श्रीनगर में प्रदर्शन, भारत विरोधी नारे और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें पुलिसकर्मियों के घायल होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी शामिल हैं।
कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड पर बहस, NIA ने बड़ी साजिश की आशंका जताई
NIA ने अदालत में तर्क दिया कि शब्बीर शाह से पूछताछ के दौरान एक बड़ी साजिश का खुलासा हो सकता है। वहीं बचाव पक्ष ने ट्रांजिट रिमांड का विरोध किया, लेकिन अदालत ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए तीन दिन की रिमांड मंजूर कर दी।
जमानत मिलने के बाद फिर गिरफ्तारी, लंबे समय से कानूनी प्रक्रियाओं में रहे शामिल
गौर करने वाली बात यह है कि शब्बीर शाह को हाल ही में कुछ मामलों में राहत मिली थी। उन्हें मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट से एक मामले में जमानत मिली थी, जबकि एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी उन्हें जमानत प्राप्त हुई थी। जानकारी के अनुसार वे लंबे समय से कई मामलों में हिरासत और नजरबंदी का सामना कर चुके हैं।
NIA की जांच जारी, आगे और खुलासों की संभावना
फिलहाल NIA इस पुराने मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे इस पूरे मामले की परतें खुलने की संभावना है।
