मध्यप्रदेश के जबलपुर में पुलिस और नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर 871 किलो 95 ग्राम गांजा जब्त किया है। गांजे की अनुमानित कीमत करीब साढ़े चार करोड़ रुपये बताई गई है। तस्कर इसे कंटेनर में रखे 412 पेंट के डिब्बों के बीच छिपाकर ओडिशा से मैहर ले जा रहे थे। पुलिस ने कंटेनर चालक सहित दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार-शनिवार की मध्यरात्रि जबलपुर-कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर मोहतरा टोल प्लाजा के पास गोसलपुर पुलिस की टीम ने संदिग्ध कंटेनर को रोककर तलाशी ली। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के झांसी की नारकोटिक्स विंग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जांच में कंटेनर के अंदर रखी 28 बोरियों से गांजा बरामद हुआ। इसे अलग-अलग पैकेट में भरकर टेप से पैक किया गया था।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी धर्मवीर सिंह (45) और पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर निवासी विक्रम कर्माकर (24) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, कंटेनर धर्मवीर चला रहा था और वह उसका मालिक भी है।
पूछताछ में धर्मवीर ने बताया कि वह 19 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से माल लेकर अंबाला जा रहा था। इस दौरान ओडिशा के बलांगीर निवासी प्रभात साहू ने उससे संपर्क किया और गांजे की खेप मध्यप्रदेश पहुंचाने का काम दिया। आरोप है कि 27 अक्टूबर को गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की गईं। इन्हें मैहर में जियो पेट्रोल पंप के पहले उतारना था।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि धर्मवीर पहले भी गांजे की खेप पहुंचा चुका है और उसे एक ट्रिप के लिए एक लाख रुपये मिलते थे। पुलिस अब सप्लाई नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
