बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, छह ग्राहकों के खातों से करीब 1.14 करोड़ रुपये निकालने के मामले में बैंक के सहायक प्रबंधक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया कि खाताधारकों को दस्तावेजों में मृत बताकर कथित तौर पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए गए। इसके बाद उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तुड़वाकर रकम निकाली गई। पुलिस के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा जनवरी 2026 से किया जा रहा था।
मोबाइल नंबर बदलकर निकाली रकम
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में बैंक का सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे, एक टैक्सी चालक गौरव सूर्यवंशी और कियोस्क सेंटर संचालित करने वाला एक किशोर शामिल है।
आरोप है कि सहायक प्रबंधक ने अपनी बैंक आईडी का इस्तेमाल कर खाताधारकों के नेट बैंकिंग से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर बदले। इसके बाद रकम दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
सोना, चांदी और कार जब्त
पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी की रकम से कार और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। कार्रवाई के दौरान छह मोबाइल फोन, करीब 8.28 लाख रुपये का सोना, 1.40 लाख रुपये की चांदी और लगभग 12 लाख रुपये कीमत की कार जब्त की गई है। संबंधित बैंक खातों को भी फ्रीज कराया गया है।
छह ग्राहकों की शिकायत पर जांच
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के मुताबिक, छह ग्राहकों की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस का कहना है कि कुछ मामलों में शिकायत सामने आने पर रकम वापस जमा कर संदेह दूर करने की कोशिश भी की गई थी।
मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
