फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रधान आरक्षक की पत्नी-बेटी की हत्या, रेप और पॉक्सो मामले में चारों दोषियों को सजा
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषियों की सजा का ऐलान कर दिया है। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा दी गई है।
इस मामले में अदालत ने 29 सितंबर 2026 को कुलदीप साहू, आर्यन विश्वकर्मा, फूल सिंह उर्फ रिंकू और चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया था।
2024 में हुई थी मां-बेटी की हत्या
यह मामला अक्टूबर 2024 का है। प्रधान आरक्षक के परिवार की महिला और उनकी नाबालिग बेटी की हत्या कर दी गई थी। अभियोजन के मुताबिक, वारदात से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किया गया और इसके बाद धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई।
इसके बाद नाबालिग बेटी की भी हत्या की गई। दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर बरामद हुए थे। मामले में पुलिस ने कुलदीप साहू समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
कोर्ट के बाहर मुस्कुराता दिखा था मुख्य आरोपी
29 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के कोर्ट परिसर से बाहर निकलने का वीडियो भी चर्चा में आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वह मुस्कुराते हुए बाहर निकला था। यह व्यवहार अदालत के दोषसिद्धि के फैसले का हिस्सा नहीं था।
करीब दो साल बाद आया सजा का फैसला
करीब दो साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार दोषियों की सजा तय की है। इस फैसले के बाद सूरजपुर के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में अदालत की कार्रवाई का यह अहम चरण पूरा हुआ है।
