सागर। मध्य प्रदेश के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व यानी नौरादेही अभयारण्य में अब चीते भी दौड़ते नजर आएंगे। कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए नर चीता थोलो और मादा चीता सीसीबी-3 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुहाली रेंज के क्वारेंटाइन बाड़े में रिलीज किया।
इसके साथ ही बुंदेलखंड के जंगलों में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। नौरादेही में पहले से बाघ और तेंदुए मौजूद हैं। अब यहां चीतों को भी उनके नए आवास में बसाने की तैयारी की जा रही है।
चीतों को शुरुआती दौर में क्वारेंटाइन बाड़े में रखा जाएगा। यहां उनके स्वास्थ्य, व्यवहार और नए वातावरण में रहने की क्षमता पर नजर रखी जाएगी। करीब 12 से 15 दिन बाद उन्हें करीब 439 एकड़ में बने सॉफ्ट रिलीज बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा।
चीतों की सुरक्षा के लिए क्वारेंटाइन बाड़े की ऊंचाई करीब 10 फीट और सॉफ्ट रिलीज बाड़े की ऊंचाई 14 फीट रखी गई है। दोनों जगह छह लेयर वाली इलेक्ट्रिक पल्स तार की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
क्यों चुना गया मुहाली रेंज?
वन विभाग के मुताबिक मुहाली रेंज में खुले घास के मैदान और घने पेड़ दोनों मौजूद हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह इलाका चीतों के लिए उपयुक्त है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नौरादेही में पहले से बाघ और तेंदुए मौजूद हैं और अब यहां चीते भी छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले महीने दो और चीते नौरादेही लाए जाएंगे।
चीतों को भारत में फिर से बसाने की परियोजना 2022 में शुरू की गई थी। कूनो के बाद नौरादेही में चीतों की मौजूदगी मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण कार्यक्रम के विस्तार के तौर पर देखी जा रही है।
