बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में जनप्रतिनिधियों से जुड़े आपराधिक मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बिलासपुर हाईकोर्ट की मई 2026 की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 15 से अधिक सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई विभिन्न अदालतों में जारी है। इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर मौजूदा विधायकों तक कई बड़े नाम शामिल
रिपोर्ट में जिन प्रमुख नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक देवेंद्र यादव, कवासी लखमा और पूर्व सांसद मधुसूदन यादव सहित कई वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि शामिल हैं। इन मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट समेत विभिन्न विशेष अदालतों में चल रही है।
जिलों में अलग-अलग मामलों की सुनवाई जारी
जांजगीर-चांपा जिले में बालेश्वर साहू, वेदप्रकाश साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट से जुड़े प्रकरण विचाराधीन हैं। वहीं कवर्धा में अशोक कुमार साहू और अन्य आरोपियों से जुड़े मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
राजनांदगांव की विशेष अदालत में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और मोहम्मद खालिद के खिलाफ छह अलग-अलग मामलों की सुनवाई जारी है। इनमें से तीन मामलों में आरोपियों को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत भी मिली हुई है।
कवासी लखमा और देवेंद्र यादव से जुड़े मामलों पर भी नजर
रायपुर की प्रथम जिला अतिरिक्त सत्र न्यायालय में विधायक कवासी लखमा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज विशेष मामले की सुनवाई जारी है, जिसकी अगली तारीख 1 जुलाई 2026 तय की गई है।
इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कवासी लखमा और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ भी न्यायालय में सुनवाई निर्धारित है।
नियमित मॉनिटरिंग में चल रहे मामले
हाईकोर्ट की मई 2026 की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से जुड़े 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई विभिन्न अदालतों में लगातार जारी है और इनकी नियमित न्यायिक निगरानी भी की जा रही है।
