जबलपुर : बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे की जांच अब और गहराती जा रही है। मामले को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता अखिलेश त्रिपाठी द्वारा सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी आयोग के समक्ष याचिका दायर की गई है, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं और लापरवाहियों के आरोप लगाए गए हैं।
लापरवाही को बताया हादसे की बड़ी वजह
याचिका में दावा किया गया है कि बरगी बांध में हुआ यह हादसा प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही का परिणाम है। आरोप है कि संबंधित विभागों ने समय रहते अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं, जिसके चलते 13 लोगों की मौत हो गई।याचिका में यह भी कहा गया है कि मौसम विभाग द्वारा समय पर खराब मौसम की जानकारी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को नहीं दी गई, जबकि यह उनकी जिम्मेदारी थी। इसे भी गंभीर चूक बताया गया है।
क्रूज तोड़ने पर उठे सवाल
याचिका में एक अहम सवाल यह भी उठाया गया है कि हादसे के बाद क्रूज को आनन-फानन में तोड़ दिया गया। इसे लेकर आरोप लगाया गया है कि सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम की अलग से जांच की मांग की गई है।
बीमा और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
याचिका में यह भी पूछा गया है कि क्रूज और उसमें सवार यात्रियों का बीमा क्यों नहीं कराया गया था। साथ ही यह भी कहा गया है कि बरगी बांध क्षेत्र में हवा की गति मापने के लिए विंड मीटर जैसी आवश्यक व्यवस्था मौजूद नहीं थी।पर्यटन स्थलों पर विंड मीटर लगाए जाने की भी सिफारिश याचिका में की गई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना स्थल पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तत्काल मौजूद नहीं थीं, जिससे राहत और बचाव कार्य में देरी हुई। इस पर भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।
आयोग में जांच जारी
आयोग की ओर से बताया गया है कि अब तक इस मामले में तीन लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और सभी शिकायतों को जांच के दायरे में रखा गया है। याचिका में उठाए गए सभी बिंदुओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।इस मामले में अब आगे की सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
