छत्तीसगढ़: जशपुर जिले से सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत बेटी को निःशुल्क प्रवेश दिलाने के लिए कथित रूप से फर्जी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले एक सरकारी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।
जांच में सामने आई वास्तविक आय
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शिक्षक की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6.79 लाख रुपये थी, जबकि उसने मात्र 75 हजार रुपये वार्षिक आय दर्शाकर आय प्रमाण पत्र बनवाया था। इसी दस्तावेज के आधार पर योजना का लाभ प्राप्त किया गया।
जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कांसाबेल निवासी ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा ने पत्थलगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम जामझोर निवासी सरकारी शिक्षक चमर साय पैकरा ने अपनी वास्तविक आय छिपाकर कम आय का प्रमाण पत्र हासिल किया और गलत शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया।
बेटी को मिला था योजना का लाभ
आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक ने अपनी बेटी का प्रवेश पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत कक्षा छठी में निःशुल्क कराया। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग पर सख्ती
इस कार्रवाई को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पात्र विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
