सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो विवाद गहराया, नायब तहसीलदार ने की नार्को टेस्ट की मांग

3 Min Read

छत्तीसगढ़: सरगुजा जिले में सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस विवाद में नया मोड़ तब आया है जब नायब तहसीलदार ने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट कराने की मांग कर दी है। वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी कहा है कि वे हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं।

मारपीट के आरोपों से बढ़ा विवाद

नायब तहसीलदार तुषार मानिक का आरोप है कि विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थक पूर्व नियोजित तरीके से मारपीट करने पहुंचे थे। उनके अनुसार विधायक पक्ष ने बहन के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की, जबकि ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ था।

घटना के बाद एसडीएम फागेश सिन्हा ने नायब तहसीलदार को अपनी गाड़ी में बैठाकर सुरक्षित अंबिकापुर पहुंचाया। दूसरी ओर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनकी बहन ने सीतापुर थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

नार्को टेस्ट की मांग से बढ़ी हलचल

मामले में लगातार आरोप-प्रत्यारोप के बीच नायब तहसीलदार ने नार्को टेस्ट की मांग करते हुए कहा है कि इससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सकेगी। इस मांग के बाद विवाद और अधिक चर्चा में आ गया है।

गिरफ्तारी नहीं होने पर राजस्व अधिकारियों की हड़ताल

राजस्व अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने 29 मई को सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया था और विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों में नाराजगी बढ़ गई है।

इसी के विरोध में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने सामूहिक अवकाश लेकर कलमबंद और कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। राजस्व अधिकारी संघ का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विधायक बोले- हर जांच के लिए तैयार

विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक बार फिर दोहराया है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है और वे किसी भी निष्पक्ष जांच का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना है कि सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी।

प्रशासन पर टिकी निगाहें

विवाद के बढ़ते असर को देखते हुए अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के कई काम प्रभावित होने लगे हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मामले के शीघ्र समाधान की मांग तेज हो गई है।

Share this Article