छत्तीसगढ़ : धमतरी जिले में लगातार बढ़ती महंगाई और परिवहन संचालन की लागत में इजाफे से नाराज पिकअप वाहन चालक संघ ने पुरानी कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। चालक संघ का कहना है कि वर्षों से परिवहन भाड़ा दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और वाहन मरम्मत का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।
बढ़ते खर्चों ने बढ़ाई चालकों की परेशानी
संघ के सदस्यों का कहना है कि वर्तमान भाड़ा दरों पर वाहन संचालन करना अब घाटे का सौदा बन चुका है। आय और खर्च के बीच बढ़ते अंतर के कारण वाहन मालिकों और चालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी कठिन होता जा रहा है।
नई भाड़ा दरें लागू करने की मांग
पिकअप चालक संघ ने परिवहन भाड़ा दरों में संशोधन की मांग करते हुए नया प्रस्ताव भी रखा है। संघ की मांग है कि धमतरी से दूरस्थ क्षेत्रों तक माल परिवहन के लिए 60 रुपये प्रति क्विंटल तथा धमतरी-रायपुर और रायपुर-धमतरी मार्ग पर 70 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की जाए।
इस संबंध में संघ ने व्यापारियों और राइस मिल संचालकों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया है।
100 से अधिक चालक हड़ताल में शामिल
हड़ताल में 100 से अधिक पिकअप वाहन चालक शामिल बताए जा रहे हैं। चालकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे अपने वाहन संचालन नहीं करेंगे। हड़ताल के कारण कृषि उपज मंडियों और माल परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
व्यापारियों से सहयोग की अपील
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से व्यापारियों और राइस मिल संचालकों को परिवहन सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पुराने भाड़े पर काम जारी रखना संभव नहीं है। उन्होंने संबंधित पक्षों से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
यदि जल्द कोई सहमति नहीं बनती है तो धमतरी जिले में माल ढुलाई और कृषि उपज के परिवहन पर व्यापक असर पड़ सकता है। ऐसे में अब व्यापारियों, राइस मिल संचालकों और चालक संघ के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
