छत्तीसगढ़ : डोंगरगढ़ में ईद-उल-अजहा के मौके पर मुस्लिम समाज की ओर से सामाजिक सौहार्द और गौ संरक्षण को लेकर एक अलग और चर्चित पहल देखने को मिली है। शहर के कई स्थानों पर लगाए गए बैनरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
‘एक ही आवाज’ अभियान से दिया संदेश
मुस्लिम समाज की ओर से ‘एक ही आवाज’ नाम से लगाए गए इन बैनरों में “गाय की रक्षा, राष्ट्र की रक्षा” जैसे संदेश लिखे गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए गौ संरक्षण को राष्ट्रहित से जोड़ते हुए लोगों से जागरूकता और संवेदनशीलता की अपील की गई है।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
समाज के लोगों ने इन बैनरों के माध्यम से केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और देशभर में संचालित बूचड़खानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि गाय भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।
सामाजिक समरसता का संदेश
ईद जैसे पवित्र पर्व पर सामने आई इस पहल को स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय माना जा रहा है। कई लोगों ने इसे आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
गौ संरक्षण को बताया राष्ट्रहित से जुड़ा विषय
समाज के सदस्यों का कहना है कि गौ सेवा केवल किसी एक समुदाय का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश और मानवता से जुड़ा मुद्दा है। इस सोच को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है।डोंगरगढ़ की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में सकारात्मक चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
