रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और श्रमिकों की मौत के मामलों को लेकर NSUI और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप, हादसों पर उठे गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उद्योगों में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि हादसे होने के बाद केवल औपचारिक मुआवजा देकर मामले को शांत कर दिया जाता है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
रूपाणाधाम स्टील हादसा बना प्रदर्शन का केंद्र बिंदु
हाल ही में रूपाणाधाम स्टील प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिक दीपक चौहान की मौत का मामला भी प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह घटना औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों और उद्योग प्रबंधन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
नियमित जांच और सेफ्टी ऑडिट की मांग तेज
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी औद्योगिक इकाइयों में नियमित जांच, सख्त सेफ्टी ऑडिट और लापरवाह प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।
प्रशासन की समझाइश के बाद हालात काबू में
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जमकर नारेबाजी होती रही।
जांच और समीक्षा बैठक का आश्वासन, सौंपा गया ज्ञापन
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिले के बड़े उद्योगों की संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। इसमें सुरक्षा उपकरण, नियमों के पालन, निरीक्षण व्यवस्था और प्रबंधन की जवाबदेही पर चर्चा होगी। साथ ही हाल की घटनाओं की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
