भोपाल में MPPSC परीक्षा को लेकर नई गाइडलाइन जारी….90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य, सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त

3 Min Read

भोपाल (मध्य प्रदेश) में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नए नियमों के तहत अब अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा।


90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य, पहले से ज्यादा सख्ती

आयोग के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर अब पहले की तुलना में अधिक सख्त प्रवेश व्यवस्था लागू की जा रही है। पहले जहां 45 मिनट पहले पहुंचने का नियम था, अब उसे बढ़ाकर 90 मिनट कर दिया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना बताया गया है।


पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए बदलाव

MPPSC का कहना है कि यह बदलाव परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर हर अभ्यर्थी को तीन स्तर की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें समय अधिक लगेगा, इसलिए समय पर पहुंचना जरूरी कर दिया गया है।


191 पदों पर होगी भर्ती, लाखों उम्मीदवार शामिल

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 191 पदों पर चयन किया जाएगा। इनमें राज्य सेवा परीक्षा के 155 पद और राज्य वन सेवा के 36 पद शामिल हैं। इस परीक्षा के लिए लगभग 1 लाख 35 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।


एडमिट कार्ड 16 अप्रैल को जारी होंगे, परीक्षा 26 अप्रैल को

आयोग की जानकारी के अनुसार एडमिट कार्ड 16 अप्रैल 2026 को जारी किए जाएंगे, जबकि परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा प्रदेश के 54 जिलों में बनाए गए केंद्रों पर कराई जाएगी।


दो चरणों में होगी परीक्षा

परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित होगी।
पहला पेपर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक सामान्य अध्ययन का होगा।
दूसरा पेपर दोपहर 2:15 बजे से 4:15 बजे तक सामान्य अभिरुचि विषय आधारित रहेगा।
परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।


तीन स्तर की सख्त जांच व्यवस्था लागू

नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों की जांच तीन चरणों में की जाएगी—

पहला चरण: एडमिट कार्ड और फोटो पहचान की जांच
दूसरा चरण: मेटल डिटेक्टर और मैनुअल फ्रिस्किंग
तीसरा चरण: बायोमैट्रिक सत्यापन जिसमें फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन, आई स्कैन और डिजिटल सिग्नेचर शामिल होंगे


प्रदेशभर में व्यापक तैयारी

राज्य में परीक्षा के लिए 500 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को केंद्र बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार सभी केंद्रों पर एक समान सुरक्षा और जांच व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जा सके।

Share this Article