रायपुर में छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को लेकर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में करीब 1700 डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
हेल्थ साइंसेज सम्मेलन में उठी समस्या
अटल नगर नवा रायपुर स्थित Pt. Deendayal Upadhyay Memorial Health Sciences and Ayush University में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट 2026 के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal भी मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज बढ़े, लेकिन डॉक्टरों की कमी बरकरार
अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की पहल पर हर संसदीय क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही All India Institute of Medical Sciences जैसे संस्थानों का भी विस्तार हो रहा है।
इसके बावजूद प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सवाल: डॉक्टर कहां से आएंगे
सांसद ने सवाल उठाते हुए कहा कि केवल मेडिकल कॉलेज खोलना पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती वहां पढ़ाने और सेवा देने वाले डॉक्टरों की उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टरों की पढ़ाई पर बड़ा खर्च करती है, लेकिन इसके बावजूद सरकारी सेवाओं में उनकी कमी चिंताजनक है।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उन्होंने विशेष चिंता जताई। उनके अनुसार गांवों में डॉक्टरों की कमी सबसे अधिक है, जिससे आम लोगों को इलाज के लिए शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर नहीं हैं, तो नई संस्थाएं खोलने का औचित्य भी सवालों में आता है।
समाधान के लिए दिया अहम सुझाव
सांसद ने सुझाव दिया कि डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं में बनाए रखने के लिए आकर्षक वेतन ढांचा तैयार किया जाना चाहिए। इससे निजी क्षेत्र की ओर पलायन कम होगा और डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में काम करने के लिए प्रेरित होंगे।
बेहतर स्वास्थ्य नीति की उम्मीद
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन से ऐसे ठोस सुझाव निकलेंगे, जो केंद्र और राज्य सरकार को प्रभावी स्वास्थ्य नीतियां बनाने में मदद करेंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगे।
