छत्तीसगढ़ : के Rajnandgaon में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महादेव सट्टा मामले के बाद अब पुलिस ने ‘सांई सट्टा ऐप’ के जरिए संचालित हो रहे एक हाईटेक रैकेट का पर्दाफाश किया है। आईपीएल मैचों की शुरुआत के साथ ही सट्टेबाजों की सक्रियता फिर बढ़ गई थी।
फार्महाउस पर दबिश, 5 गिरफ्तार
पुलिस को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर एक फार्महाउस में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान 5 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि 2 आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
हर बॉल पर लग रहा था दांव
जांच में खुलासा हुआ कि ‘सांई ऐप’ के जरिए हर गेंद और हर ओवर पर लाखों रुपये का सट्टा लगाया जा रहा था। सट्टेबाजी कोड वर्ड के माध्यम से संचालित की जा रही थी, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल हो सके। पूरा नेटवर्क मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के जरिए चलाया जा रहा था।
लाखों का हिसाब-किताब और उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 7 मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और अन्य उपकरण जब्त किए। साथ ही 1000 रुपये नकद बरामद हुए। जांच में सट्टा-पट्टी से करीब 9 लाख 20 हजार रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मिला है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 5 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।
ये आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार
पुलिस ने वीरू प्रजापति, रूपेश पाण्डे, आयुष मेश्राम, मोहित देवांगन और लक्की देवांगन को गिरफ्तार किया है। वहीं मूलचंद देवांगन और नागपुर निवासी सादिक खान फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
कई धाराओं में केस दर्ज
सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धाराएं 6, 7 और 8 के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 112 तथा आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
आईपीएल के दौरान बढ़ती है सट्टेबाजी
पुलिस का कहना है कि Indian Premier League के दौरान इस तरह के ऑनलाइन सट्टा गिरोह तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। इसे देखते हुए पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है और आगे भी इस तरह के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
