भिलाई : में आयोजित ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेन्स के दौरान नकल का एक हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। एक परीक्षार्थी ने चप्पल के भीतर मोबाइल छिपाकर परीक्षा में धोखाधड़ी की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता ने उसकी योजना विफल कर दी।
प्रवेश के समय जांच से बचने के लिए अपनाया चालाक तरीका
मामला 2 अप्रैल का है, जब भिलाई-3 स्थित पार्थिवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में परीक्षा आयोजित की गई थी। जानकारी के अनुसार, परीक्षार्थी आदित्य कुमार सुबह करीब 8:25 बजे केंद्र पहुंचा। जांच के दौरान उसने पहले ही चप्पल उतार दी, जिससे मेटल डिटेक्टर में कोई संदिग्ध वस्तु सामने नहीं आई।
बायो ब्रेक के दौरान भी दोहराई गई रणनीति
परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू हुई। लगभग 11:08 बजे वह बायो ब्रेक के लिए बाहर गया और करीब 20 मिनट बाद वापस लौटा। वापसी के समय भी जांच प्रक्रिया के दौरान उसने फिर चप्पल उतार दी, जिससे वह दोबारा जांच से बच निकला।
चाल-ढाल ने खोल दी पोल, गार्ड को हुआ शक
जब परीक्षार्थी वापस लैब की ओर जा रहा था, तो उसकी चाल पर सुरक्षा गार्ड की नजर पड़ी। वह सामान्य तरीके से चलने के बजाय चप्पल घसीटते हुए आगे बढ़ रहा था। इस असामान्य व्यवहार ने गार्ड को सतर्क कर दिया।
चप्पल काटकर निकाला गया मोबाइल, पुलिस ने लिया हिरासत में
संदेह होने पर गार्ड ने उसे रोककर चप्पल की जांच करवाई। जांच में सामने आया कि चप्पल के अंदर विशेष रूप से जगह बनाकर मोबाइल फोन छिपाया गया था। इसके बाद परीक्षा केंद्र प्रबंधन को सूचना दी गई और पुलिस को बुलाया गया। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पुरानी भिलाई थाने ले जाया गया।
कानूनी कार्रवाई शुरू, परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2008 की धारा 9 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और नकल के नए तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
