जर्मनी की नजर मध्य प्रदेश पर क्यों टिकी है? इंदौर दौरे में काउंसिल जनरल ने बताए निवेश और साझेदारी के बड़े संकेत

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जर्मनी संघीय गणराज्य के काउंसिल जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने मध्य प्रदेश दौरे के दौरान राज्य की औद्योगिक, शैक्षणिक और निवेश संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। स्टेट प्रेस क्लब, मध्य प्रदेश के ‘रूबरू’ कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इंदौर, पीथमपुर और भोपाल की तीन दिवसीय यात्रा के अनुभव साझा किए।उन्होंने बताया कि इस दौरान सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और जर्मनी से जुड़े पूर्व छात्र नेटवर्क के सदस्यों के साथ विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

यूरोप में भारत का सबसे अहम रणनीतिक साझेदार बना जर्मनी

क्रिस्टोफ हॉलियर ने कहा कि भारत और जर्मनी के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत वर्ष 1951 में हुई थी और आज जर्मनी यूरोप में भारत का प्रमुख रणनीतिक साझेदार बन चुका है।उन्होंने हाल ही में जर्मन चांसलर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार, विज्ञान और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है।

इंदौर की स्वच्छता और औद्योगिक विकास ने किया प्रभावित

अपने संबोधन में उन्होंने इंदौर की विशेष रूप से सराहना की। उनके अनुसार शहर तेजी से औद्योगिक, शैक्षणिक और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता, सुव्यवस्थित शहरी ढांचा और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल इसे अंतरराष्ट्रीय निवेश और सहयोग के लिए बेहद आकर्षक बनाता है।

पीथमपुर में दिखीं ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बड़ी संभावनाएं

काउंसिल जनरल ने कहा कि पीथमपुर और आसपास का औद्योगिक क्षेत्र ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक आधारित उद्योगों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।उन्होंने संकेत दिया कि कई जर्मन कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं का गंभीरता से अध्ययन कर रही हैं। उनका मानना है कि यहां मौजूद कुशल मानव संसाधन और तकनीकी संस्थान भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई दे सकते हैं।

निवेश और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर रहा विशेष फोकस

दौरे का प्रमुख उद्देश्य मध्य प्रदेश और जर्मनी के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाना था। इस दौरान निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने, व्यापारिक अवसरों को बढ़ाने और नए सहयोग क्षेत्रों की पहचान पर चर्चा हुई।उन्होंने कहा कि राज्य की निवेश अनुकूल नीतियां और उद्योगों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भविष्य में मध्य प्रदेश को जर्मनी का महत्वपूर्ण साझेदार बना सकते हैं।

शिक्षा और अनुसंधान सहयोग को भी मिलेगा बढ़ावा

भोपाल में आयोजित बैठकों के दौरान क्रिस्टोफ हॉलियर ने अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फाउंडेशन और मैक्स प्लैंक सोसाइटी से जुड़े पूर्व छात्रों से भी मुलाकात की।उन्होंने कहा कि शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाता है। उनके अनुसार मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी केवल सरकारों और कंपनियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि शैक्षणिक और सामाजिक स्तर पर भी विकसित होती है।

मध्य प्रदेश को बताया वैश्विक सहयोग का उभरता केंद्र

दौरे के समापन पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। राज्य का औद्योगिक विकास, युवा प्रतिभा और वैश्विक निवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण इसे भविष्य का महत्वपूर्ण सहयोग केंद्र बना सकता है।उन्होंने इंदौर में मिले स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह आने वाले समय में भी मध्य प्रदेश का दौरा करना चाहेंगे और जर्मनी राज्य के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है।

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