गरियाबंद जिले के छुरा तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटवारी खेमचंद साहू को निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया, जिसने प्रशासन को तुरंत कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
किसान से पैसों की मांग का आरोप, नक्शा कटवाने के नाम पर लेनदेन की बात
वायरल वीडियो में कथित तौर पर पटवारी द्वारा बटांकन के लिए नक्शा तैयार करने के बदले किसान से पैसे मांगने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, वीडियो में यह भी दावा किया गया कि इस रकम का हिस्सा ऊपर तक पहुंचाने की बात कही जा रही थी, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
दो अधिकारियों पर भी गिरी गाज, शो कॉज नोटिस जारी
प्रशासन ने केवल पटवारी पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि मामले में लापरवाही के आरोप में राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे जवाब मांगा गया है कि आखिर इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते निगरानी क्यों नहीं रखी गई।
पुराना मामला, लेकिन वायरल होते ही मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार यह मामला केयूटीझर गांव के एक किसान से जुड़ा पुराना लेनदेन है, जो हाल ही में वायरल होने के बाद प्रशासन के संज्ञान में आया। वीडियो के प्रसार के बाद जिले में हड़कंप मच गया और शिकायत को गंभीरता से लिया गया।
अपर कलेक्टर का सख्त रुख, जांच के बाद और कार्रवाई संभव
अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश, प्रशासन की सख्ती साफ
इस कार्रवाई को प्रशासन के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। स्पष्ट संकेत दिया गया है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
