रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। बिलासपुर और महासमुंद जिलों में की गई अलग-अलग कार्रवाई में करीब 6.5 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।
महासमुंद में केले की आड़ में छिपाई गई थी बड़ी खेप
महासमुंद जिले में 18 अप्रैल को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक ईशर प्रो 2059 वाहन को रोका। जांच के दौरान वाहन में करीब 912 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 4.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे को केले की बोरियों के बीच छिपा रखा था और वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट भी लगाई गई थी।
पुलिस ने मौके से ड्राइवर अब्दुल नईम को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी।
तीन महीने में 72 मामले, हजारों किलो गांजा जब्त
एएसपी प्रतिभा पांडेय के अनुसार, पिछले तीन महीनों में जिले में गांजा तस्करी के 72 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 5629 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया है और 187 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
बिलासपुर में भी बड़ी कार्रवाई, 245 किलो गांजा बरामद
इसी तरह बिलासपुर में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने कार्रवाई करते हुए 245 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 1.22 करोड़ रुपये बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, तस्कर कटघोरा से बिलासपुर होते हुए मध्य प्रदेश की ओर जा रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी
दोनों मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। फिलहाल तस्करी के पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच की जा रही है।
नशे के खिलाफ अभियान तेज, पुलिस का कड़ा संदेश
पुलिस का कहना है कि प्रदेश में नशे के कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी सूरत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा।
