छत्तीसगढ़ : राजधानी रायपुर में हाईवे किनारे संचालित ढाबों और होटलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका सीधा असर सभी ढाबा और होटल संचालकों पर पड़ेगा।
ढाबों में CCTV अनिवार्य, हर गतिविधि पर निगरानी
अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी ढाबों और होटलों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना अब अनिवार्य होगा। ये कैमरे खास तौर पर प्रवेश और निकास द्वारों पर लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।प्रशासन का कहना है कि इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
शराब परोसने पर पूरी तरह रोक
बैठक में सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि हाईवे किनारे स्थित किसी भी ढाबे या होटल में शराब परोसने या सेवन की अनुमति नहीं होगी। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू माना जाएगा।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समय सीमा और नियमों का पालन अनिवार्य
एएसपी ग्रामीण अभिषेक झा, एडीएम उमाशंकर बांधे और सीएसपी लम्बोदर पटेल की मौजूदगी में हुई बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी ढाबे और होटल निर्धारित समय के अनुसार ही संचालित होंगे और तय समय पर उन्हें बंद करना अनिवार्य होगा।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने पर किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत सूचना देने के निर्देश
ढाबा और होटल संचालकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि परिसर में कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आती है तो उसकी तुरंत सूचना पुलिस को दी जाए।प्रशासन का मानना है कि इस कदम से हाईवे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
सुरक्षा और अनुशासन पर फोकस
इस पूरे फैसले को हाईवे सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अब ढाबों और होटलों को केवल व्यवसायिक केंद्र नहीं, बल्कि सुरक्षा जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में भी काम करना होगा।
