अमेरिका : के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर तीखा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि निर्धारित समय तक समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका कठोर कदम उठा सकता है। उनके इस बयान से एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
सैन्य कार्रवाई के विकल्प तैयार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास ऐसी रणनीतिक सैन्य योजना मौजूद है, जिसके जरिए ईरान के महत्वपूर्ण ढांचे, जैसे पुल और बिजली संयंत्र, को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम निर्णय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।
तय समय तक समझौते की शर्त
ट्रंप ने ईरान को मंगलवार को पूर्वी समयानुसार रात 8 बजे तक अमेरिका के साथ समझौता करने का अल्टीमेटम दिया। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल आपूर्ति के लिए पूरी तरह खोलने की मांग भी रखी। युद्ध अपराधों के संभावित आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी कार्रवाई को वह गलत नहीं मानते।
युद्धविराम प्रस्ताव पर बना गतिरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि वह अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी और ठोस समाधान चाहता है। इसी कारण दोनों देशों के बीच सहमति बनती नजर नहीं आ रही।
रक्षा मंत्री ने भी दिए सख्त संकेत
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी स्पष्ट किया कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो अमेरिका अपनी कार्रवाई को और तेज कर सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।
बढ़ते तनाव के बीच कूटनीति की उम्मीद
अमेरिका और Iran के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आक्रामक बयान हालात को और जटिल बना सकते हैं, लेकिन कूटनीतिक समाधान की संभावना अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
