बारिश और आंधी ने बदला मौसम का मिजाज, कई शहरों में जून में महसूस हुई ठंडक

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मध्य प्रदेश: पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश, तेज हवाओं और आंधी का असर अब तापमान पर साफ दिखाई देने लगा है। कई शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को जून के महीने में भी राहत भरा मौसम महसूस हो रहा है। राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

इन शहरों में पारा 20 डिग्री से नीचे पहुंचा

मौसम में आए बदलाव के कारण कई प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। इंदौर में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री, मंदसौर में 19.3 डिग्री और मरुखेड़ा में 19.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी भोपाल में भी तापमान 20.2 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे सुबह और रात के समय ठंडक महसूस की गई।

कहीं ओले गिरे, कहीं चली धूलभरी आंधी

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिला। भोपाल, देवास, झाबुआ और शाजापुर में ओलावृष्टि हुई, जबकि खरगोन, दमोह, जबलपुर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में धूलभरी आंधी चली। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 40 से अधिक शहरों में बारिश दर्ज की गई।

सबसे ज्यादा बारिश ने किया चौंकाया

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बड़नगर में सबसे अधिक 58 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सैलाना में 50 मिमी, कोलार में 40 मिमी, नबीबाग में 36 मिमी और धुंधड़ा में 36 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली।

ठंडक के बीच नौगांव सबसे गर्म शहर बना

जहां एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहाना रहा, वहीं छतरपुर जिले का नौगांव सबसे गर्म शहर के रूप में सामने आया। यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 41.4 डिग्री, खरगोन में 41 डिग्री, दतिया में 40.8 डिग्री और ग्वालियर में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

40 से ज्यादा जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, आलीराजपुर, रतलाम, विदिशा, बालाघाट और शाजापुर सहित 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।

वहीं मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, दमोह और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों के लिए ओलावृष्टि, आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी घोषित किया गया है।

मानसून की एंट्री को लेकर बढ़ा इंतजार

मध्य प्रदेश में आमतौर पर मानसून 15 जून के आसपास दस्तक देता है, लेकिन इस बार इसके आगमन में देरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से धीमी बनी हुई है।

केरल में भी मानसून निर्धारित तारीख से कुछ दिन बाद पहुंचा है और अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि मध्य प्रदेश में मानसून करीब पांच दिन की देरी से पहुंचेगा। यदि यही स्थिति बनी रही तो 20 जून के आसपास शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में मानसून की पहली बारिश देखने को मिल सकती है।

क्या आने वाले दिनों में और बदलेगा मौसम?

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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