रायगढ़/इंदौर: निवेश पर अच्छा मुनाफा देने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित साइबर ठगी के मामले में रायगढ़ पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कॉल सेंटर पर दबिश दी है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, एक प्रार्थी को व्हाट्सऐप के जरिए एक कंपनी का पोर्टफोलियो भेजा गया था। इसमें निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद कुछ अन्य लोगों ने भी मोबाइल फोन पर संपर्क कर अलग-अलग समय पर निवेश कराया।
जांच में सामने आया कि 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच प्रार्थी से कुल 34 लाख 17 हजार 531 रुपये निवेश कराए गए। निवेश की रकम पर बढ़ता हुआ लाभ पोर्टफोलियो में दिखाया जाता रहा। लेकिन जब प्रार्थी ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो पैसे नहीं मिले। इसके बाद भी उससे और निवेश करने के लिए कहा गया। ठगी का संदेह होने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
बैंक खाते के इस्तेमाल की भी जांच
इसी मामले से जुड़े दूसरे प्रकरण में सूरज शर्मा के बैंक खाते से 18 बार में करीब 2 लाख 97 हजार रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब में शिकायतें सामने आने के बाद बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया था।
सूरज शर्मा ने पुलिस से खाते के साइबर ठगी में इस्तेमाल होने और उस पर लगी रोक हटाने की जांच का अनुरोध किया। हालांकि, बैंक ट्रांजेक्शन की जांच में पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे खाते का इस्तेमाल कथित ठगी की रकम के लेनदेन में किए जाने की आशंका सामने आई।
पुलिस के अनुसार, विवादित रकम में से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य भी मिले हैं। इसमें इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा का नाम सामने आया।
इंदौर के कॉल सेंटर तक पहुंची जांच
दोनों मामलों की जांच साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में की जा रही थी। जांच के दौरान एक साझा मोबाइल नंबर का संबंध इंदौर की तनिषा पाटिल से सामने आया। इसके अलावा गायत्री विश्वकर्मा और सूरज शर्मा के बीच संपर्क की जानकारी भी मिली।
मोबाइल नंबरों की लोकेशन इंदौर के अलग-अलग इलाकों में मिलने के बाद रायगढ़ साइबर पुलिस की विशेष टीम इंदौर भेजी गई। टीम ने पलासिया क्षेत्र स्थित एक कॉल सेंटर में दबिश देकर गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा।
पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर कथित निवेश धोखाधड़ी, बैंक खातों के इस्तेमाल और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
