रायपुर: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार ने धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
नाम बदलने के इस फैसले को क्षेत्र की पुरानी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। निर्णय के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
36 गढ़ों में शामिल था कुंवरगढ़
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहचान 36 गढ़ों की परंपरा से जुड़ी रही है। बताया जाता है कि कुंवरगढ़ भी इन ऐतिहासिक गढ़ों में शामिल था। समय के साथ इसका नाम कूंरा के रूप में प्रचलित हो गया।
अब सरकार की मंजूरी के बाद नगर को उसका पुराना नाम वापस मिलने का रास्ता साफ हुआ है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान मिलेगी।
विधायक अनुज शर्मा ने की थी पहल
धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने नगर का पुराना नाम बहाल करने की पहल की थी। पिछले वर्ष आयोजित कुंवरगढ़ महोत्सव के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने यह मांग रखी थी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधायक ने मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के प्रति आभार जताया। उन्होंने इसे केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता और ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने वाला निर्णय बताया।
आतिशबाजी और मिठाई बांटकर मनाई खुशी
सरकार के फैसले की जानकारी मिलने के बाद कुंवरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने खुशी जाहिर की। स्थानीय लोगों ने आतिशबाजी की, मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जश्न मनाया।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि पुराने नाम की बहाली से कुंवरगढ़ को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिल सकती है।
हालांकि, नाम परिवर्तन की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही सरकारी रिकॉर्ड में नया नाम प्रभावी होगा।
