भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद अब कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है। कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, हेमंत कटारे, जयवर्धन सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
‘यह सिर्फ चुनाव नहीं, विचारधारा की लड़ाई है’
नामांकन दाखिल करने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव को संविधान और विचारधारा की लड़ाई बताते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ मैदान में है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी इस मुकाबले में जीत हासिल करेगी और सभी विधायक कांग्रेस के साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का है और इसमें बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा महात्मा गांधी के विचारों की जीत होगी।
गांधी बनाम गोडसे की विचारधारा का जिक्र
मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव में गांधी की विचारधारा और गोडसे की विचारधारा के बीच वैचारिक मुकाबला है। उन्होंने दावा किया कि अंततः गांधी के विचारों की जीत होगी और कांग्रेस इसी सोच के साथ चुनाव लड़ रही है।
भाजपा पर लगाया राजनीतिक नैतिकता का सवाल
कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि भाजपा के पास आवश्यक संख्या बल नहीं होने के बावजूद तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है। उनके मुताबिक इससे भाजपा की राजनीतिक मंशा और रणनीति स्पष्ट हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस चुनाव को पूरी गंभीरता और गरिमा के साथ लड़ रही है तथा यह किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई है।
क्रॉस वोटिंग की अटकलों पर कांग्रेस का जवाब
विधायकों को भोपाल से बाहर भेजे जाने और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर चल रही चर्चाओं पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें केवल अफवाह हैं और कांग्रेस के सभी विधायक पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं।
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिनमें दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे नेता शामिल हैं, संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर लगातार काम कर रहे हैं।
तीसरी सीट पर मुकाबले ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी
भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से मजबूत दावेदारी के बाद राज्यसभा की तीसरी सीट का चुनाव अब प्रदेश की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन गया है। संख्या बल, रणनीति और संभावित समीकरणों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में यह मुकाबला और भी रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
