Alirajpur : जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 17 जीवित लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। इस गड़बड़ी ने प्रशासनिक सिस्टम की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
कलेक्टर का एक्शन: प्रभारी CMO पर गिरी गाज, जांच के आदेश
मामले के उजागर होते ही कलेक्टर Neetu Mathur ने तत्काल सख्त रुख अपनाया। प्रभारी सीएमओ कमल मुजाल्दा को जोबट नगर परिषद में लाइन अटैच कर दिया गया है, साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
खुद को ‘जिंदा’ साबित करने में जुटे लोग, दफ्तरों के काट रहे चक्कर
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिन लोगों को मृत घोषित किया गया, वे खुद अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए। मतदाता सूची पुनरीक्षण 2025 के दौरान यह बड़ी लापरवाही सामने आई।जांच में यह भी सामने आया कि कई लोगों को ‘शिफ्टेड’ बताकर सूची से हटा दिया गया, जबकि वे अब भी उसी इलाके में रह रहे हैं।
राजनीतिक घमासान तेज, भाजपा ने बताया लोकतंत्र पर हमला
7 अप्रैल को शिकायत सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। भाजपा जिलाध्यक्ष Santosh Maku Parwal ने इसे लोकतंत्र पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ लाइन अटैच करना पर्याप्त नहीं है, दोषियों को निलंबित किया जाना चाहिए, अन्यथा मामला हाईकोर्ट तक ले जाया जाएगा।
और भी बड़ी गड़बड़ी की आशंका, सैकड़ों नाम प्रभावित होने का दावा
भाजपा का दावा है कि अभी भी 21 जीवित लोगों के नाम मृत दर्ज हैं और सैकड़ों पात्र मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
जांच तेज, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत
फिलहाल जिला प्रशासन ने पूरे मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गड़बड़ियों को जल्द सुधारा जाएगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
