House-to-House Survey Starts Today: मध्य प्रदेश में जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है. 1 मई से 30 मई तक सरकारी कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर डेटा एकत्रित करेंगे. इस चरण के तरह के तहत अगले 45 दिन तक मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों की गणना की जाएगी. इस चरण के लिए अलग-अलग जिलों में सुपरवाइजर्स की तैनाती की गई है. ये सभी कर्मचारी घर-घर जाकर 34 निर्धारित प्रश्न पूछेंगे.
फ्रॉड से रहे सावधान
गौरतलब है कि जनगणना के बीच आपके साथ फ्रॉड भी हो सकता है, इसलिए आपको सावधान रहने की जरूरत हैं. जनगणना के दौरान आपसे किसी भी तरह का ओटीपी या दस्तावेज नहीं मांगा जाता है. अगर आपसे कोई भी संदिग्ध व्यक्ति जनगणना के लिए ओटीपी की डिमांड करता है तो तुरंत इसकी शिकायत करें. जो भी कर्मचारी आपके घर आएंगे उनके पास वैध आईडीकार्ड और क्यूआरकोड होगा, जिसे स्कैन कर आप सत्यापन कर सकते हैं.
जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है. प्रगणक (Enumerator) मोबाइल ऐप और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे डेटा प्रोसेसिंग में तेजी आएगी. प्रदेश के लगभग 3.6 लाख से 4 लाख आवासीय भवनों की गणना के लिए प्रशासन ने व्यापक प्रशिक्षण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
स्वगणना (सेल्फ इनुमेरेशन) शुरू
आज से 15 मई तक जिले में स्वगणना (सेल्फ इनुमेरेशन) चरण शुरू हो गया है. स्वगणना के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा अनुसार अपने परिवार संबंधी विवरण दर्ज कर सकते हैं. यह वेब पोर्टल अंग्रेजी, हिंदी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है. परिवार का कोई भी सदस्य लगभग 15 से 20 मिनट में https://se.census.gov.in पर स्वगणना प्रक्रिया पूरी कर सकता है और उसके बाद स्वगणना पहचान संख्या अपने मोबाइल या ई-मेल पर प्राप्त कर सकता है.
