मध्य प्रदेश : डिंडौरी जिले की बजाग तहसील में सरकारी व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां निजी मकान में संचालित हो रहे जल संसाधन विभाग के कार्यालय पर मकान मालिक ने ताला लगा दिया। वजह यह रही कि विभाग ने पिछले एक साल से मकान का किराया तक जमा नहीं किया था। लगातार अनदेखी से परेशान मकान मालिक आखिरकार सख्त कदम उठाने को मजबूर हो गया।
कार्यालय शिफ्ट होते ही भड़का मकान मालिक
जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 से जल संसाधन विभाग का अनुविभागीय कार्यालय एक निजी भवन में संचालित हो रहा था। करीब एक महीने पहले विभाग ने इस कार्यालय को तहसील भवन में शिफ्ट कर दिया, लेकिन पुराने भवन का बकाया किराया नहीं चुकाया गया।जब मकान मालिक को पता चला कि विभाग बिना भुगतान किए कार्यालय दूसरी जगह ले जा रहा है, तब उसने भवन में ताला जड़ दिया। बताया जा रहा है कि भवन के अंदर अब भी विभाग के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सरकारी सामान रखे हुए हैं।
अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत
मकान मालिक का कहना है कि उसने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। किराया पाने के लिए उसे लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।इस मामले ने सरकारी विभागों की कार्यशैली और भुगतान व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
नई जगह भी बदहाल स्थिति में चल रहा कार्यालय
जिस कमरे में अब जल संसाधन विभाग का कार्यालय शिफ्ट किया गया है, वहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव बताया जा रहा है। कमरे का पंखा तक खराब है और कार्यालय में एसडीओ के अलावा कोई अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं रहता।जल संसाधन विभाग के एसडीओ राजकुमार अहिरवार ने कहा है कि जल्द ही मकान मालिक का बकाया किराया जमा कर दिया जाएगा। हालांकि फिलहाल मकान मालिक भुगतान का इंतजार करते हुए सरकारी सिस्टम के भरोसे बैठा है।
