700 गाड़ियों का काफिला बना चर्चा का केंद्र…पीएम की अपील के बीच बढ़ा सियासी विरोधाभास

2 Min Read

मध्य प्रदेश : राजनीति में एक बार फिर ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसने सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर नरेंद्र मोदी लगातार पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है।

उज्जैन से भोपाल तक लंबा काफिला, सड़कों पर लगा जाम

नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर जब उज्जैन से भोपाल पदभार ग्रहण करने पहुंचे, तो उनके साथ 700 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला था। इस काफिले ने शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।

स्थिति इतनी बिगड़ी कि कई जगह गाड़ियां आपस में टकरा गईं और सड़कों पर लंबा जाम लग गया। आम लोगों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी और शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक थम सा गया।

पीएम और सीएम की अपील पर उठे सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में दो बार देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील की थी। वहीं डॉ. मोहन यादव ने भी कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से इस दिशा में कदम उठाने और जनता को प्रेरित करने को कहा था।

मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन, वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने पर जोर दिया था, लेकिन इस घटना ने इन अपीलों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भाजपा मुख्यालय में स्वागत, नेताओं की मौजूदगी

भोपाल पहुंचने के बाद सौभाग्य सिंह ठाकुर ने भाजपा मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया। इस दौरान हेमंत खंडेलवाल, राहुल कोठारी समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया।

जमीनी हकीकत बनाम अपील: क्या बदलेगा व्यवहार

यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि नीतिगत अपील और वास्तविक व्यवहार के बीच अभी भी बड़ा अंतर है। अब देखना होगा कि भविष्य में ऐसे मामलों से क्या सीख ली जाती है और क्या ईंधन बचत को लेकर ठोस बदलाव नजर आता है।

Share this Article