कूनो में बढ़ा चीता कुनबा, प्रोजेक्ट चीता को मिली नई रफ्तार, मध्यप्रदेश बना वन्यजीव संरक्षण का बड़ा केंद्र

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मध्यप्रदेश : कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण की ऐतिहासिक झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में दो मादा चीतों को उनके प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से छोड़ दिया गया। ये दोनों चीते बोत्सवाना से लाए गए थे और अब क्वारंटीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं।

प्रोजेक्ट चीता को मिली नई ऊर्जा, प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया धन्यवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू हुआ प्रोजेक्ट चीता आज देश में वन्यजीव संरक्षण की एक बड़ी उपलब्धि बन चुका है और मध्यप्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

वन्यजीव संरक्षण में मध्यप्रदेश ने रचा नया इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। लगभग 5000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चीते अब स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं और अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं। यह पहल प्रकृति और मानव के बीच सहअस्तित्व की मजबूत मिसाल पेश करती है।

चीतों की संख्या बढ़कर 57 पहुंची, बढ़ रहा प्राकृतिक संतुलन
मध्यप्रदेश में चीतों की कुल संख्या अब बढ़कर 57 हो गई है। इनमें भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं। ये चीते अब कूनो, श्योपुर, पालनपुर और राजगढ़ जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से घूमते नजर आते हैं। कई बार ये चीतें सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर राजस्थान तक भी पहुंच जाते हैं।

मालवा और चंबल क्षेत्र में भी दिख रही मौजूदगी
चीतों की बढ़ती आबादी अब मालवा और चंबल क्षेत्र तक पहुंच चुकी है। यह संकेत है कि यह प्रजाति धीरे धीरे भारतीय पर्यावरण के साथ खुद को पूरी तरह अनुकूल कर रही है और प्राकृतिक संतुलन को मजबूत कर रही है।

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