CG Weather Alert: अगले 5 दिन बदल जाएगा मौसम का मिजाज, बारिश-आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

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छत्तीसगढ़ : मानसून के आगमन से पहले मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में बादलों की सक्रियता बढ़ने लगी है और मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 4 जून से वर्षा की गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

आज से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कुछ जिलों में गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। 5 और 6 जून को भी मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।आसमान में बादलों की मौजूदगी के साथ कई इलाकों में बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।

इन जिलों में बारिश का सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है।इन क्षेत्रों में लोगों को मौसम के अचानक बदलने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में भी दिखा मौसम का असर

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिला।हालांकि बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान में कोई बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है।

राजनांदगांव में सबसे ज्यादा गर्मी

तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।वहीं पेंड्रा रोड सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर में दिन का तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

लोगों और किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की है। गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।किसानों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और खेतों में जरूरी कार्य सावधानी के साथ करने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश फसलों को प्रभावित कर सकती हैं।

मानसून से पहले राहत और चुनौती दोनों

एक तरफ जहां बारिश की गतिविधियां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दे सकती हैं, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं और वज्रपात जोखिम भी बढ़ा सकते हैं। ऐसे में अगले पांच दिनों तक मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

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