सौर ऊर्जा में चमका छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय स्तर पर मिला बड़ा सम्मान

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Chhattisgarh Wins National Honour: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य को सौर ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाएगा। ऊर्जा मंत्रालय की ओर से आयोजित पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में छत्तीसगढ़ ने “माह का सौर अभियान सर्वाधिक वेंडर पंजीयन” श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह सम्मान 4 जून को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा।

राष्ट्रीय मंच पर बढ़ी छत्तीसगढ़ की पहचान

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य को मिला यह सम्मान स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को गांवों और शहरों के आम लोगों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

एक महीने में जुड़े 86 नए वेंडर, आंकड़ा पहुंचा 1222 के पार

भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने मुख्य सचिव विकास शील को पत्र भेजकर सम्मान समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। वहीं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और पावर कंपनियों के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने इस उपलब्धि के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।

राज्य ने बीते एक महीने में 86 नए वेंडरों का पंजीयन किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में कुल पंजीकृत वेंडरों की संख्या बढ़कर 1222 हो गई है, जो सौर ऊर्जा विस्तार की गति को दर्शाती है।

घरों तक पहुंच रही सौर क्रांति, लाखों लोगों ने दिखाई रुचि

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा अपनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1 जून 2026 तक राज्य में 1.93 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 61,700 घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 1.32 लाख से ज्यादा आवेदनों पर स्थापना प्रक्रिया जारी है।

हरित ऊर्जा के लक्ष्य की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार बढ़ती भागीदारी और तेजी से हो रहे संयंत्र स्थापना कार्यों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह योजना बिजली बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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