भाजपा नेत्री से करोड़ों की ठगी, ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म का आरोप, कारोबारी संजय सिंह गिरफ्तार

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बिलासपुर/रांची। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक भाजपा नेत्री ने झारखंड के रांची निवासी कारोबारी संजय सिंह पर करोड़ों की ठगी, ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान, धीरे-धीरे बढ़ा कारोबारी रिश्ता

पीड़िता के अनुसार उनकी पहचान वर्ष 2021-22 में फेसबुक के जरिए संजय सिंह से हुई थी। इसके बाद सामाजिक और व्यावसायिक कार्यक्रमों के दौरान मुलाकातें बढ़ीं और दोनों के बीच कारोबारी संबंध स्थापित हुए। अगस्त 2024 में बिलासपुर के एक होटल में पहली बड़ी बैठक हुई, जहां निवेश और प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत आगे बढ़ी।

भरोसे के नाम पर लाखों की लेनदेन, करोड़ों का निवेश करने का आरोप

महिला नेता का आरोप है कि आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए पहले उनके खाते में 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच उन्होंने अलग-अलग किश्तों में कुल 1 करोड़ 57 लाख रुपये का निवेश किया। बाद में एक जॉइंट वेंचर अकाउंट भी खोला गया, जिसके बाद पैसों का लेनदेन और तेज हो गया।

व्यवहार बदलने और मानसिक दबाव डालने के आरोप

पीड़िता का कहना है कि शुरुआत में भरोसा दिलाने के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया। व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक वीडियो भेजने और लगातार दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। महिला ने यह भी दावा किया कि आरोपी और उसकी पत्नी दोनों मिलकर उन पर मानसिक दबाव बनाते थे।

रायपुर से लौटते समय दुष्कर्म का आरोप

सबसे गंभीर आरोप यह है कि 15 सितंबर 2025 को रायपुर से लौटते समय रास्ते में आरोपी ने जबरन कार के भीतर दुष्कर्म किया। इसके बाद धमकी दी गई कि यदि मामला उजागर हुआ तो उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया जाएगा।

वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद, आरोपी ने दी सफाई

मामला सामने आने के बाद आरोपी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए महिला पर ही 80 लाख रुपये लेने और कोल माइंस दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

पुलिस जांच में जुटी, बैंकिंग और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे

पुलिस ने आरोपी को रांची से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है।

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