वेदांता प्लांट हादसे पर बड़ा एक्शन…30 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश, जांच के दायरे में कई अहम पहलू

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सक्ती: वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने इस मामले में 30 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

तकनीकी खामी से हुआ हादसा, 34 श्रमिक हुए प्रभावित

जारी आदेश के अनुसार 14 अप्रैल 2026 को सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप के वाटर सप्लाई ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना हुई। इस हादसे में कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 12 की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य घायल श्रमिकों का रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।

एसडीएम डभरा को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196 के तहत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

जांच में उठेंगे ये बड़े सवाल, जिम्मेदारी होगी तय

प्रशासन ने जांच के लिए कई अहम बिंदु तय किए हैं, जिनमें शामिल हैं
घटना कब और कैसे हुई
हादसे के समय कितने मजदूर मौजूद थे और कौन प्रभावित हुए
किन परिस्थितियों में यह दुर्घटना घटी
औद्योगिक सुरक्षा विभाग द्वारा पूर्व में किए गए निरीक्षण और उसमें पाई गई खामियां
हादसा तकनीकी वजह से हुआ या मानवीय लापरवाही से
इस घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था कौन है
भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के उपाय क्या हो सकते हैं

30 दिन में रिपोर्ट, दोषियों पर तय होगी कार्रवाई

जांच अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी बिंदुओं की गहन जांच कर 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन सख्त, अब लापरवाही पर नहीं होगी कोई रियायत

इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल गया है कि औद्योगिक सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है।

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