नर्मदा में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन, 65 डंपर रेत जब्त, नदी में लौटाया गया अवैध भंडारण

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जबलपुर जिले में नर्मदा नदी से हो रहे अवैध रेत खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने नर्मदा तटों पर अवैध रूप से जमा की गई रेत के भंडारण पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में रेत जब्त की और उसे वापस नदी में मिला दिया।

65 डंपर रेत पर प्रशासन की कार्रवाई

राजस्व विभाग की टीम ने शाहपुरा तहसील के नीमखेड़ा झांसीघाट गांव में छापेमारी कर अवैध रूप से संग्रहित 65 डंपर रेत जब्त की। वहीं जबलपुर तहसील के बहोरीपार गांव में नर्मदा किनारे शासकीय भूमि पर रखी गई तीन हाईवा रेत को जेसीबी मशीन की मदद से वापस नदी में डाल दिया गया।

शिकायतों के बाद चला विशेष अभियान

प्रशासन को लंबे समय से नर्मदा नदी के किनारे अवैध खनन और रेत भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से निकाली गई रेत को जब्त करने के बजाय उसे प्राकृतिक स्थिति में वापस लौटाने का निर्णय लिया गया।

भंडारण करने वालों की तलाश जारी

कार्रवाई के दौरान जांच दल ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि अवैध रेत का भंडारण किसने किया था। फिलहाल रेत के इस स्टॉक को पंचायत की निगरानी में रखा गया है। प्रशासन इस पर नजर बनाए हुए है ताकि इसे उठाने आने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

जिले में वैध रेत खदान नहीं, बढ़ रहा अवैध कारोबार

जानकारी के अनुसार वर्तमान में जबलपुर जिले में कोई भी वैध रेत खदान संचालित नहीं है। इसका फायदा उठाकर अवैध खननकर्ता नर्मदा नदी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार रेत निकाल रहे हैं। जिले की सीमावर्ती इलाकों में भी बड़े पैमाने पर अवैध खनन और भंडारण की शिकायतें सामने आ रही हैं।

अवैध खनन पर प्रशासन की सख्त चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नर्मदा नदी में अवैध खनन और रेत भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ खनिज अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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