अवैध गोदामों में रखा गया था खाद का बड़ा स्टॉक, महासमुंद में भी कृषि विभाग की दबिश
रायपुर। प्रदेश में किसानों के लिए डीएपी और यूरिया जैसे उर्वरकों की कमी के बीच कृषि विभाग ने अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा में संचालित एक कृषि सेवा केंद्र पर छापेमारी कर 60.15 टन उर्वरक जब्त किया गया है। विभाग को आशंका है कि खाद का अवैध भंडारण कर अधिक कीमत पर बिक्री की तैयारी की जा रही थी।
सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई
कृषि विभाग के उप संचालक सतीश अवस्थी ने बताया कि ग्राम समोदा में नेतराम वर्मा (राशि वर्मा) द्वारा संचालित कृषि सेवा केंद्र और गोदाम में अवैध रूप से उर्वरक जमा किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद विभागीय टीम ने कृषि केंद्र और उससे जुड़े तीन गोदामों की जांच की।
दो गोदाम बिना अनुमति के संचालित मिले
जांच के दौरान सामने आया कि संचालक के पास कृषि दुकान और केवल एक गोदाम का वैध लाइसेंस था, जबकि दो अन्य गोदाम किराए पर लेकर बिना अनुमति के संचालित किए जा रहे थे। टीम ने तीनों गोदामों से बड़ी मात्रा में उर्वरक जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जब्त किए गए उर्वरकों में शामिल हैं कई प्रमुख ब्रांड
कार्रवाई के दौरान डीएपी, एनपीके, सुपर फास्फेट, मल्टीपास और अन्य प्रकार के उर्वरकों का बड़ा स्टॉक बरामद हुआ। कुल 60.15 टन उर्वरक जब्त किया गया है।
जब्त उर्वरकों का विवरण
- किसान सुपर (पाउडर) – 16.40 टन
- किसान सुपर (दानेदार) – 7.90 टन
- एनपीके (5:15:0:10) – 11.10 टन
- एनपीके (20:5:0:23) – 0.45 टन
- मल्टीपास – 0.60 टन
- डीएपी (18:46:0) इंडियन पोटाश – 2.45 टन
- डीएपी (18:45:0) इफको – 0.90 टन
- एसएसपी पाउडर – 0.45 टन
- पाउडर (16:30:10) – 20.00 टन
महासमुंद में भी हुई कार्रवाई
रायपुर के साथ-साथ महासमुंद जिले में भी कृषि विभाग ने जांच अभियान चलाया। बागबाहरा विकासखंड के ग्राम घोयनाबाहरा स्थित वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज में निरीक्षण के दौरान ओडिशा प्रिंट वाली पीआर ओएम उर्वरक की 11 बोरियां, जिनका कुल वजन लगभग 550 किलोग्राम था, जब्त की गईं।
कालाबाजारी पर विभाग की सख्ती जारी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नियमों के उल्लंघन के मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
