भोपाल/श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसाहट के बाद अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुके श्योपुर जिले को अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड जिले में एडवेंचर और हेरिटेज टूरिज्म की संभावनाओं को तलाश रहा है। इसी कड़ी में पर्यटन विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम ने विभिन्न स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया है।पर्यटन विभाग को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद जिले में नई पर्यटन परियोजनाओं और गतिविधियों के शुरू होने की संभावनाएं मजबूत होती नजर आ रही हैं।
कूनो की पहचान से आगे बढ़कर नए आकर्षण विकसित करने की योजना
श्योपुर पहले ही कूनो नेशनल पार्क और चीतों की वजह से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। अब सरकार की कोशिश है कि जिले को केवल वन्यजीव पर्यटन तक सीमित न रखकर एडवेंचर, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के रूप में भी विकसित किया जाए।इसी उद्देश्य से पर्यटन बोर्ड की तकनीकी टीम ने संभावित स्थलों का जमीनी निरीक्षण कर उनकी व्यवहारिकता और पर्यटन क्षमता का आकलन किया।
कुंवारी नदी में बोटिंग शुरू करने की संभावनाओं पर हुआ सर्वे
निरीक्षण के दौरान टीम ने ग्राम इकलौद के निकट स्थित श्री गोपालदास बाबा समाधि स्थल के आसपास कुंवारी नदी क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण किया। विशेषज्ञों ने पेडल बोट के माध्यम से नदी के जलस्तर, प्रवाह, सुरक्षा मानकों और पर्यटन गतिविधियों की संभावनाओं का परीक्षण किया।
यदि रिपोर्ट सकारात्मक रहती है तो भविष्य में यहां बोटिंग और अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं, जिससे पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किया स्थल निरीक्षण
इस सर्वेक्षण में अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी रूपेश उपाध्याय, पर्यटन बोर्ड के संयुक्त संचालक संतोष श्रीवास्तव, सहायक संचालक ए.के. सिंह तथा वाटर स्पोर्ट्स विशेषज्ञ कमांडर राजेंद्र निगम सहित कई अधिकारी शामिल रहे।विशेषज्ञों ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटकों को आकर्षित करने वाली संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया।
हेरिटेज और एडवेंचर टूरिज्म से बढ़ेगी स्थानीय अर्थव्यवस्था
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जिले में एडवेंचर और हेरिटेज टूरिज्म को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाता है तो इससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, परिवहन, गाइड सेवा और स्थानीय व्यापार को भी सीधा लाभ मिलेगा।साथ ही श्योपुर आने वाले पर्यटकों के लिए कूनो नेशनल पार्क के अलावा अन्य आकर्षण भी उपलब्ध होंगे, जिससे जिले में पर्यटन गतिविधियां सालभर सक्रिय रह सकती हैं।
पर्यटन के नए युग की ओर बढ़ रहा श्योपुर
चीतों की वजह से दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना चुके श्योपुर के लिए यह पहल एक नए अवसर के रूप में देखी जा रही है। यदि प्रस्तावित योजनाओं को मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में कुंवारी नदी और आसपास के क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकते हैं, जिससे जिले की पहचान और भी मजबूत होगी।
