रायपुर में अब कैब की तरह ट्रैक होगी कचरा गाड़ी, घर बैठे मिलेगी लोकेशन; 5 मिनट में सुलझेगी शिकायत

admin  - News & Entertainment
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रायपुर। राजधानी रायपुर में कचरा संग्रहण व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी है। अब घरों से कचरा लेने आने वाली गाड़ियों को भी कैब की तरह ट्रैक किया जा सकेगा। नगर निगम अपने सभी 260 कचरा वाहनों को GPS आधारित डिजिटल निगरानी सिस्टम से जोड़ने जा रहा है। इससे नागरिक घर बैठे वाहन की लोकेशन और उसके पहुंचने का संभावित समय जान सकेंगे।

260 कचरा वाहनों की होगी डिजिटल निगरानी

नगर निगम के अनुसार, अब तक 50 से 60 वाहनों के रूट डिजिटाइज किए जा चुके हैं। अगले 15 से 20 दिनों में बाकी वाहनों को भी सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके लिए इंदौर में सफाई व्यवस्था की निगरानी करने वाली विशेषज्ञ एजेंसी की मदद ली जा रही है।

वाहन निर्धारित रास्ते से भटकता है, 30 मिनट से ज्यादा देरी करता है या किसी स्थान पर 15 से 20 मिनट तक बेवजह खड़ा रहता है तो सिस्टम रेड फ्लैग जारी करेगा। कंट्रोल रूम से इसकी निगरानी की जाएगी।

पांच मिनट में पता चलेगी शिकायत की हकीकत

कचरा गाड़ी नहीं पहुंचने की शिकायत पर निगम कर्मचारी डिजिटल रिकॉर्ड से वाहन की लोकेशन और समय की जांच कर सकेंगे। निगम का दावा है कि इससे पांच मिनट में शिकायत का निराकरण संभव होगा। सड़क और नाली की सफाई का रिकॉर्ड भी काम से पहले और बाद की तस्वीरों के साथ दर्ज किया जाएगा।

कचरा फेंकने वालों पर CCTV से नजर

सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों की पहचान के लिए संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। सफाईकर्मी भी समय और लोकेशन वाली तस्वीरें अपलोड कर सकेंगे। इनके आधार पर नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।

कचरे वाले स्थान बनेंगे ग्रीन कॉर्नर

नगर निगम खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर हटाकर वहां उद्यान विकसित करेगा। सभी जोन को हर सप्ताह दो स्थानों का कायाकल्प करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं उद्यानों और रोड डिवाइडरों के रखरखाव के लिए CSR के तहत संस्थाओं से रुचि आमंत्रित की गई है।

नए साल से डिजिटल डैशबोर्ड लागू करने की तैयारी है। इसके जरिए कचरा वाहनों के संचालन, रखरखाव और डीजल व्यवस्था की निगरानी एक ही सिस्टम से की जा सकेगी।

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