रायपुर: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर कमजोर होने के बावजूद बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 30 और 31 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। वहीं, एक और दो नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश से जनजीवन के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्णब आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार करने के बाद कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इसके अवशेषों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम प्रभावित हो रहा है। प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी
खराब मौसम और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 14 जिलों में 30 अक्टूबर को स्कूलों में छुट्टी रही। कुछ जिला प्रशासन ने 31 अक्टूबर तक भी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
दुर्ग, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर और रायगढ़ में अगले दिन की छुट्टी को लेकर भी प्रशासनिक आदेशों की जानकारी सामने आई है। अभिभावकों को अपने जिले के प्रशासनिक आदेश और स्कूलों की सूचना देखने की सलाह दी गई है।
बारिश से धान की फसल को नुकसान का खतरा
लगातार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बलरामपुर, मुंगेली और धमतरी सहित कुछ इलाकों में खेतों में कटाई के बाद रखी धान की फसल भीगने की खबर है।
किसानों को आशंका है कि लगातार नमी रहने से धान के दाने काले पड़ सकते हैं और उनमें फफूंद लग सकती है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखा जाए। पकी फसलों की कटाई और भंडारण को लेकर स्थानीय मौसम और कृषि सलाह का ध्यान रखना जरूरी है।
1 और 2 नवंबर को फिर हो सकती है भारी बारिश
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 1 और 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद मौसम की स्थिति में बदलाव आने की उम्मीद है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
फिलहाल बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन की ताजा एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है।
