यूपी में प्रशासनिक व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की तैयारी, रुपाम बनेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

admin  - News & Entertainment
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तीन प्रमुख पहलों पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रुपाम) को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने, स्थानीय निकायों के कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और सही व्यक्ति को सही पद पर तैनात करने पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन में मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित ‘साधना श्रृंखला’ की उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी नागरिक को सामान्य काम के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। नागरिकों की संतुष्टि को लोकसेवकों के काम का महत्वपूर्ण पैमाना बताया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन, उपलब्धियों और बेहतर काम के उदाहरणों को वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) तथा पदोन्नति से जोड़ने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।

उन्होंने पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर पालिका परिषदों और नगर निगमों के कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। मुख्यमंत्री के मुताबिक, AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक का उपयोग सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और निर्णय लेने में सुधार के लिए किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 19.26 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत हैं और अब तक करीब चार करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार से आंकी जानी चाहिए।

कार्यशाला में आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।

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