धान पंजीयन में गड़बड़ी मिली तो खेतों तक पहुंचेगा प्रशासन, जबलपुर में 7 हजार ज्यादा रजिस्ट्रेशन

admin  - News & Entertainment
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जबलपुर | मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में इस साल धान पंजीयन की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले करीब 7 हजार बढ़ गई है। इसके बाद प्रशासन ने पंजीयन की जांच तेज करने का फैसला किया है। खेतों की वास्तविक स्थिति और सैटेलाइट से मिली जानकारी में अंतर मिलने पर अधिकारी मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सोमवार को समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को संदिग्ध पंजीयनों की विशेष जांच करने के निर्देश दिए। इनमें सिकमी पंजीयन, पहली बार पंजीयन कराने वाले किसान, पांच हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसान, नए खसरे और संयुक्त खातों से जुड़े मामले शामिल हैं।

प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि धान खरीदी के लिए पंजीयन वास्तविक खेती और भूमि की स्थिति के अनुरूप हो। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर संबंधित मामले का सत्यापन किया जाएगा।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे के निर्देश

बैठक में कलेक्टर ने 50 और 100 दिन से अधिक समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की। अधिकारियों से शिकायतों का जल्द निराकरण करने और पोर्टल पर जवाब दर्ज करने को कहा गया। विभागीय रैंकिंग सुधारने पर भी जोर दिया गया।

प्रसूति सहायता और एम्बुलेंस सेवाओं पर भी नजर

बैठक में प्रसूति सहायता भुगतान में आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। महिलाओं की समग्र आईडी पति के परिवार में स्थानांतरित नहीं होने से पोर्टल पर विवरण प्रदर्शित नहीं हो पा रहा है, जिससे भुगतान प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समस्या दूर करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा निजी और सरकारी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता की जांच की जाएगी। एम्बुलेंस की दरों और 108 सेवा से जुड़े नियमों की जानकारी भी एक सप्ताह में मांगी गई है।

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