वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दोनों देशों ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर औपचारिक हस्ताक्षर कर दिए, जिसके साथ यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से करीब चार महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
फ्रांस में ट्रंप ने भी किए आधिकारिक हस्ताक्षर
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्सेलिस पैलेस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ आयोजित रात्रिभोज के दौरान समझौते की हार्ड कॉपी पर भी आधिकारिक हस्ताक्षर किए। इससे पहले इस समझौते को तय समय से पहले अंतिम रूप दे दिया गया था। हालांकि स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित औपचारिक समारोह को लेकर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
60 दिनों तक सैन्य और राजनीतिक संयम पर सहमति
समझौते के तहत दोनों देशों ने अगले 60 दिनों तक राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य स्तर पर संयम बरतने पर सहमति जताई है। इस अवधि में विश्वास बहाली और आगे की वार्ताओं को सफल बनाने पर जोर रहेगा, ताकि समझौते के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
चार महीने पहले शुरू हुआ था संघर्ष
यह तनाव 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद शुरू हुआ था। इसके जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।
होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोलने की तैयारी
समझौते के तहत अगले 30 दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में काम किया जाएगा। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में स्थिरता आने और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
