नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आगामी चुनावों और संगठनात्मक बदलावों को ध्यान में रखते हुए हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम, संगठन विस्तार और संभावित फेरबदल जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
राजनाथ सिंह के आवास पर चार घंटे चली रणनीतिक बैठक
15 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर आयोजित इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, संगठन महासचिव बीएल संतोष, संयुक्त संगठन महासचिव शिव प्रकाश और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से वरिष्ठ पदाधिकारी अरुण कुमार ने भाग लिया और विभिन्न विषयों पर संघ का दृष्टिकोण रखा।
केंद्रीय संगठन में बढ़ सकती है पदाधिकारियों की संख्या
बैठक में भाजपा के केंद्रीय संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी केंद्रीय स्तर पर पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है। वर्तमान संरचना में बदलाव करते हुए संगठन को अधिक व्यापक और सक्रिय बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।इसके अलावा, संघ की कार्यप्रणाली की तर्ज पर जिलों में क्षेत्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी व राष्ट्रीय परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ाने जैसे प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
नई राष्ट्रीय टीम और संभावित फेरबदल पर हुई चर्चा
राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि यह बैठक भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा से पहले एक महत्वपूर्ण तैयारी का हिस्सा थी। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ नई जिम्मेदारियों के वितरण पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया।चर्चा के दौरान संगठन और सरकार में कार्यरत नेताओं की भूमिकाओं में बदलाव की संभावनाओं पर भी मंथन हुआ। माना जा रहा है कि कुछ नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि कुछ को सरकार में नई भूमिका मिल सकती है।
युवा चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की नई केंद्रीय टीम में युवा और नए चेहरों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व संगठन में नई ऊर्जा और भविष्य की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व के नए विकल्पों पर विचार कर रहा है।
राज्य इकाइयों में बदलाव के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर नजर
हाल ही में भाजपा ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा, पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों, हरियाणा में अर्चना गुप्ता और त्रिपुरा में अभिषेक देबरॉय को संगठन की कमान सौंपी गई है।इन नियुक्तियों को पार्टी के व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े बदलावों की संभावना जताई जा रही है।
आगामी विधानसभा चुनावों पर केंद्रित है पूरी रणनीति
भाजपा की यह रणनीतिक कवायद ऐसे समय हो रही है जब अगले वर्ष कई महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। उत्तर प्रदेश, गुजरात, गोवा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर जैसे राज्यों में चुनावी मुकाबले को देखते हुए पार्टी संगठन को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
पार्टी जहां सत्ता वाले राज्यों में अपनी पकड़ बनाए रखने की रणनीति बना रही है, वहीं विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में संगठन को मजबूत कर चुनावी बढ़त हासिल करने की दिशा में भी काम कर रही है।
नई टीम और फेरबदल पर जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान
बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा जल्द ही अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर सकती है। साथ ही संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा की ओर से होने वाले फैसलों पर पूरे राजनीतिक जगत की नजरें टिकी हुई हैं।
